रिज्यूम कैसे बनाएं
रिज्यूम बनाना मुश्किल नहीं है, लेकिन ज़्यादातर लोग वही गलती करते हैं — वे लिखते हैं कि उनकी नौकरी क्या थी, यह नहीं कि उन्होंने उस नौकरी में क्या हासिल किया। यही फर्क कॉल आने और न आने के बीच होता है। नीचे पूरा तरीका दिया गया है।
तरीका — स्टेप बाय स्टेप
यह मत लिखिए — यह लिखिए
वही बात, दो तरीकों से लिखी हुई। दाईं तरफ वाली से कॉल आती है।
उदाहरण के लिए — किसी ग्राहक का असली रिज्यूम नहीं।
खुद बनाना है तो ऊपर का तरीका काफी है। लेकिन अगर आधे घंटे बाद भी पहला पैराग्राफ ठीक नहीं लग रहा — तो यही सबसे आम अनुभव है, और इसमें कोई शर्म नहीं।
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₹99 में लिखवाइएअक्सर पूछे जाने वाले सवाल
रिज्यूम हिंदी में बनाएं या अंग्रेज़ी में?
ज़्यादातर प्राइवेट नौकरियों के लिए अंग्रेज़ी में। कंपनियों के सॉफ्टवेयर अंग्रेज़ी में ही रिज्यूम पढ़ते हैं, और भर्ती करने वाले भी। सरकारी या स्थानीय नौकरियों में अगर हिंदी माँगी गई हो तो हिंदी में बनाएं। समझना हिंदी में, लिखना अंग्रेज़ी में — यही सबसे आम तरीका है।
रिज्यूम कितने पेज का होना चाहिए?
5 साल से कम अनुभव है तो एक पेज। 5 से 15 साल तक दो पेज। तीन पेज तभी जब आप वाकई सीनियर हों और तीसरा पेज कुछ नया बता रहा हो।
क्या रिज्यूम में फोटो लगानी चाहिए?
प्राइवेट कंपनी की नौकरी के लिए नहीं। फोटो जगह लेती है जो उपलब्धियों के काम आ सकती थी। अगर आवेदन में साफ लिखा हो कि फोटो चाहिए, तभी लगाएं।
रिज्यूम रिजेक्ट क्यों हो जाता है?
सबसे आम वजह दो हैं। पहली — फॉर्मेट ऐसा है कि कंपनी का सॉफ्टवेयर उसे ठीक से पढ़ ही नहीं पाता (दो कॉलम, टेबल, फोटो में लिखा टेक्स्ट)। दूसरी — लिखा है कि नौकरी क्या थी, यह नहीं कि आपने क्या किया।